बाड़मेर जिले के गुडामालानी क्षेत्र में पैंथर को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम के पास कोई संसाधन नहीं है एक बार फिर नाकाम रही वन विभाग की टीम और जिम्मेदार वन विभाग के अधिकारी भी लापरवाही करते नजर आ रहे हैं यहां गुडामालानी क्षेत्र में एक पैंथर ने करीब 7 दिन से दहशत फैला रखी है लेकिन पहले तो वन विभाग के जिम्मेदार उसे एक भेड़िया समझ के अनभिज्ञ थे जब पैंथर ने एक वन्यजीव को मारा और 4 लोगों पर हमला किया तब वन विभाग के अधिकारी हरकत में आए और जोधपुर से रेस्क्यू के लिए टीम बुलाई, लेकिन रेंजर की लापरवाही के चलते पैंथर पकड़ में नहीं आ रहा है साथ ही रेंजर घटना की स्थिति बताने की बजाय झूठी तस्वीरें भेज कर आमजन में सनसनी फैलाई जा रही है दरअसल बात यह है कि गुडामालानी क्षेत्र में 1 सप्ताह से पहले 21 जनवरी को बाटा गांव में पैंथर देखा गया था और इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी यहां पहुंचने के बाद टीम ने जांच पड़ताल कर अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि यह तो एक भेड़िया है।।
और उसके बाद पैंथर लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल फैला रहा है शनिवार सुबह पैंथर डाबली में देखा गया और या पैंथर ने 4 लोगों पर हमला भी कर दिया था सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे लेकिन रेंजर के पास संसाधन नहीं होने पर उसे पकड़ने में असफल रहे, सूचना मिलने पर जोधपुर की रेस्क्यू टीम पहुंची लेकिन शाम होने पर पैंथर खेतों में छुप गया उसके दूसरे दिन रविवार को भी वन विभाग के कार्मिक रेस्क्यू ऑपरेशन में लापरवाह करते नजर आए और दोपहर 1:00 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ लेकिन शाम तक पैंथर कहीं भी नजर नहीं आया जबकि गुडामालानी क्षेत्र में कई दिनों से पैंथर को लेकर भय का माहौल फैला हुआ है ग्रामीणों ने भी बताया कि वन- विभाग के अधिकारियों को 7 दिन पहले सूचना दी गई थी लेकिन रेंजर तो पैंथर को भेड़िया बता रहे हैं, पैंथर ने जब एक सूअर को मारा तो बात स्वीकार की गई
रेंजर टीम ने झूठी तस्वीर से किया गुमराह
शनिवार को पैंथर डाबली गांव में 4 लोगों पर हमला किया था और गांव में दहशत फैलाई थी यहां रेस्क्यू के लिए जोधपुर से टीम आई थी लेकिन गुडामालानी क्षेत्र के रेंजर ने उच्च अधिकारियों को भी वास्तविक स्थिति नहीं बताई थी जब उनसे रेस्क्यू वह पैंथर आने की जानकारी थी तो उन्होंने यह झूठी तस्वीर भेज कर गुमराह कर दिया था